गजब देश की धरती है यह, गजब देश का शान तीन रंगो का राष्ट्रीय झंडा, मेरा देश महान है। पूर्व पश्चिम दक्षिण में देखो, ...
गजब देश की धरती है यह,
गजब देश का शान
तीन रंगो का राष्ट्रीय झंडा,
मेरा देश महान है।
पूर्व पश्चिम दक्षिण में देखो,
रक्षक है सागर गहरा।
उत्तर दिशा में खड़ा हिमालय ,
करता है भारत का पहरा।।
कितनी है पावन धरती यह,
जो गंगा की धारा बहते।
राम कृष्ण और ऋषिमुनि भी,
थे सदियों से यहा करते।।
हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई,
जितने धर्मो के रहते है।
कितना प्यार है इस धरती से,
भारत माँ सब कहते है ।।
अलग~अलग है कितनी भाषा,
कितनी अलग है बोली भी।
ईद , क्रिश्मस , वैसाखी ,
रंगो का त्यौहार होली भी ।।
भिन्न ~ भिन्न है पहनापा ,
है अलग ~ अलग कला कृति।
आचार व्यवहार और खान पान भी,
प्रथाएं अलग है और रीती।।
कितना है सब अलग~अलग सा,
फिर भी है मेरे देश की शान।
विविध रंगो की देश की जीवन,
एकता भारत का पहचान।।
धन्यवाद।
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